स्टैंड-अप और प्रोजेक्ट मीटिंग्स
- कौन बात करता है
- अलग-अलग देशों में फैली इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट और ऑपरेशंस टीमें — डेली स्टैंड-अप, स्प्रिंट प्लानिंग, रेट्रोस्पेक्टिव, प्रोजेक्ट रिव्यू।
- समस्या
- मीटिंग्स अपने-आप एक ही भाषा में होने लगती हैं। जो लोग दूसरी भाषा में सोचते हैं वे चुप हो जाते हैं, अपडेट छोटे हो जाते हैं और फ़ैसलों में उनकी राय छूट जाती है।
- Kanutus के साथ
- हर कोई अपनी भाषा बोलता है और बाकी सबको अपनी भाषा में सुनता है। भागीदारी बराबर होती है, और मीटिंग्स छोटी हो जाती हैं क्योंकि किसी को मन-ही-मन अनुवाद नहीं करना पड़ता।